सरकार ने शुरू किया “स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर चैलेंज”, मिलेगा 2.30 करोड़ जीतने का मौका

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सरकार ने शुरू किया “स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर चैलेंज”, मिलेगा 2.30 करोड़ जीतने का मौका

देश में आत्मनिर्भर भारत अभियान को और तेज करने के लिए केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने “स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर चैलेंज” की शुरुआत की है. इसे  “आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

दी.: २० अगस्त २०२०

देश में आत्मनिर्भर भारत अभियान को और तेज करने के लिए केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने “स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर चैलेंज” की शुरुआत की है. इसे  “आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए mygov.in  पोर्टल पर 18 अगस्त 2020 से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है.

इस प्रतियोगिता में सेमी-फाइनल में पहुँचने वाली 100 टीमों को पुरस्कार के रूप में कुल 1.00 करोड़ रुपये रुपये मिलेंगे. फाइनल में पहुँचने वाली 25 टीमों को पुरस्कार के रूप में कुल 1.00 करोड़ रुपये जीतने का मौक़ा मिलेगा. फिनाले में प्रवेश करने वाली 10 टीमों को कुल 2.30 करोड़ रुपये का सीड-फण्ड दिया जाएगा और 12 महीने तक इन्क्यूबेशन सपोर्ट मिलेगा.

इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के माइक्रोप्रोसेसर विकास कार्यक्रम के तहत स्वदेशी रूप से डेवलप किए गए माइक्रोप्रोसेसर, शक्ति और वेगा को भी लांच किया गया. इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के माइक्रोप्रोसेसर डेवपलमेंट कार्यक्रम के तहत आईआईटी मद्रास और सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग (सीडीएसी) ने ओपन सोर्स आर्किटेक्चर का इस्तेमाल करते हुए शक्ति (32 बिट) और वेगा (64 बिट) नाम से दो माइक्रोप्रोसेसर डेवलप किए हैं. “स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर चैलेंज के तहत आत्मनिर्भर भारत को मजबूती देने के लिए नई टेक्नॉलाजी पर काम करने के लिए स्टार्टअप और छात्रों को आमंत्रित किया गया है. कि वे इन माइक्रोप्रोसेसरों का इस्तेमाल करते हुए अलग अलग टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट को डेवलप करेंगे.

“स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर चैलेंज” इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय की ओर से देश में Innovation ecosystem को बढ़ावा देने और डिजिटल प्रौद्योगिकी अपनाने के मामले में सबसे आगे रहने के लिए की पहल का हिस्सा है. यह प्रतिस्पर्धा सभी छात्रों औए स्टार्टअप्स के लिए खुली है. प्रतियोगियों से उम्मीद की जाएगी कि वो स्वदेशी प्रोसेसर आईपी में न केवल बदलाव करें बल्कि इसे इस तरह से इस्तेमाल करें कि ये समाज के लोगों के लिए फायदेमंद हो.

इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय प्रतियोगियों और Technology resources को बढ़ावा देने के लिए कई तरह की मदद दे रहा है. इसके तहत देश के सबसे अच्छे वीएलएसआई और इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिज़ाइन विशेषज्ञों से इंटर्नशिप का मौका और नियमित तकनीकी मार्गदर्शन शामिल है. जरूरत पड़ने पर इनक्यूबेशन सेंटरों के जरिए फंडिंग भी दी जा रही है. हार्डवेयर प्रोटोटाइप को विकसित करने और स्टार्ट-अप इनक्यूबेशन के लिए चैलेंज के अलग अलग  चरणों में 4.30 करोड़ के फाइनेंशियल सपोर्ट दिया जा रहा है.

इस चैलेंज को 10 महीने में पूरा करना है, जो 18 अगस्त, 2020 को https://innovate.mygov.in पर रजिस्ट्रेशन प्रॉसेस शुरू होने के साथ ही जून 2021 में खत्म होगी. कैंडिडेट्स को स्वदेशी प्रोसेसर का इस्तेमाल करके अपने इनोवोशन के जरिए नए प्रोडक्ट बनाने का मौका मिलेगा, कैंडिडेट ऐसे प्लेटफार्म पर अपने इनोवेशन दिखा सकेंगे जहाँ बड़ी संख्या में लोग उन्हें देखेंगे और उन्हें अपने प्रोडक्ट बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी

सौजन्य : www.zeebiz.com

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